“क्यूँके जिब हमनै थारे ताहीं, अपणे प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ अर बोहड़ण की खबर दी थी, तो हमनै श्याणपत तै गढ़ी होई कहाँनियाँ का सहारा कोनी लिया, बल्के हमनै आप ए उसकै प्रताप ताहीं देख्या था।” (2 पतरस 1:16)
बाइबल कोए गढ़ी होई कथा कोनी। यो उन माणसां का लेखा सै जो असली जगहां, तारीखां अर नाम्मां पै होकै चाल्ले। उन राहां नै नक्शे पै, बखत के हिसाब तै टोव्हो — किसे बिन्दु नै दबाओ, या ▶ दबाकै एक-एक कदम चालो।
कोए एक्के सफर कोनी, पर सृष्टि तै आगै छुटकारे के इतिहास का बहाव: सृष्टि अर पतन → जलप्रलय अर बाबेल → एक बुलावा (अब्राहम) → वादे की धरती → मिस्र तै निकासी → जंगल → जीत → राज्य → बँटवारा → बँधुआई → वापसी।
सुसमाचार जिस तरियां बतावै सैं उस्से क्रम म्ह यीशु की जिन्दगी नै टोव्हो — बैतलहम म्ह उसके जन्म तै लेकै उसके बपतिस्मा अर गलील की सेवा होकै, सामरिया के आर-पार, यरुशलेम म्ह क्रूस, जी उठण अर ऊपर उठण ताहीं।
यरुशलेम म्ह पिन्तेकुस्त तै लेकै, सुसमाचार यहूदिया तै आगै किस तरियां फैल्या — एशिया माइनर अर यूरोप होकै राज के दिल ताहीं। पाँच यात्रावां म्ह तै एक चुणो (पैह्ली·दूसरी·तीसरी + रोम की समुन्दरी यात्रा + छूटण कै पाछै) अर राह म्ह लिक्खी पत्रियाँ के गेल्यां प्रेरितों के काम की घटनावां नै टोव्हो।